
फ़िसिंजान प्लोव मीटबॉल, सूखे मेवे और अखरोट की गहरी परत (फ़िसिंजान) वाला भारी अज़रबैजानी पुलाव है, केसर वाले चावल के ऊपर परोसा जाता है। त्योहारों के लिए रखा जाने वाला दिखने वाला त्योहारी व्यंजन।
फ़िसिंजान प्लोव क्या है?
फ़िसिंजान प्लोव अज़रबैजानी चावल पुलाव है जिसके ऊपर फ़िसिंजान नाम की गहरी घनी परत होती है छोटे मीटबॉल (या कीमा), सूखे मेवे (खुबानी, आलूबुखारा), अखरोट और मसालों का मिश्रण जो घना और गहरा होने तक पकाया जाता है। नीचे चावल आमतौर पर केसर से पीला होता है। रंग और टेक्सचर का कॉन्ट्रास्ट (फूला चावल बनाम भारी अखरोट टॉपिंग) इसे दिखावे वाला व्यंजन बनाता है, अक्सर त्योहारों पर परोसा जाता है।
फ़िसिंजान प्लोव कैसे खाएं?
फ़िसिंजान प्लोव बड़ी थाली में परोसा जाता है चावल आधार, फ़िसिंजान (मीटबॉल, मेवे, मेवे) ऊपर या साइड। हर कौर में चम्मच से थोड़ा चावल और थोड़ा फ़िसिंजान लें। साथ साधारण सलाद या दही भारीपन संतुलित करती है। एक ही थाली से साझा करके आराम से खाया जाता है।
फ़िसिंजान प्लोव को गहरा रंग क्या देता है?
गहरा रंग फ़िसिंजान परत से आता है: मांस, सूखे मेवे, अखरोट और प्याज़ साथ पकाए जाते हैं जब तक घना, लगभग पेस्ट जैसा मिश्रण न बन जाए जो कारमलाइज़ होकर गहरा होता है। आलूबुखारा और लंबा पकाना गहरा भूरा रंग देता है। चावल में केसर होता है इसलिए चावल सुनहरा रहता है; गहरी टॉपिंग के साथ कॉन्ट्रास्ट ही व्यंजन को पहचानने लायक बनाता है।
कास्ट-आयरन परंपरा और गहरा रंग
फ़िसिंजान का लगभग काला गहरा रंग खाने के केमिस्ट्री और परंपरा का नमूना है। कारमलाइज़्ड प्याज़ और आलूबुखारा रंग में योगदान देते हैं, लेकिन असली राज अखरोट के प्राकृतिक टैनिन, अनार सिरप (नारशाराब) की खटास और लोहे की प्रतिक्रिया में है। पारंपरिक तौर पर यह व्यंजन कास्ट-आयरन बर्तन में पकना चाहिए। पुराने ज़माने में दादी साफ लोहे की नाल या बड़ी कील आग पर गर्म करके अखरोट-अनार सॉस में डाल देती थीं ताकि मिश्रण एकदम काला हो जाए। आज कास्ट आयरन, अखरोट और अनार का संयोजन इस पहचान वाले लुक के लिए काफ़ी है।