
हरी कुताब बारीक कटी ताज़ी मौसमी हर्ब्स के ढेर से भरा नाजुक कागज़ जैसा फ्लैटब्रेड। अज़रबैजानी बसंत का स्वाद, प्राकृतिक शाकाहारी, स्वस्थ और ताज़ा स्वाद से भरपूर।
हरी कुताब क्या है?
हरी कुताब (गोय कुताबी) अज़रबैजान की कृषि भूमि का उत्सव। मांस कुताब वाला ही कागज़ जैसा आटा कच्ची बारीक कटी हरी हर्ब्स और जंगली पौधों के बड़े ढेर से भरा। आटा मोड़कर सील करने से हर्ब्स की नमी गर्म साज ग्रिडल पर पकते समय अंदर कैद। हर्ब्स अपने रस में भाप लेती हैं, सुगंधित नरम भरावन बन जाती हैं। मांस व्यंजनों का हल्का ताज़ा विकल्प और मार्च में नौरूज़ का स्टेपल बसंत और नई ज़िंदगी।
हरी कुताब कैसे खाएं?
गर्म ग्रिडल से उतरते ही हरी कुताब पर शुद्ध पिघला मक्खन भरपूर ब्रश। मांस कुताब जैसे ही खाएं: हाथ से रोल। लेकिन सुमाक की जगह हरी कुताब के लिए ज़रूरी जोड़ी "सरिमसाक्ली कातिक" (कुचले लहसुन वाली गाढ़ी ठंडी सादी दही)। गर्म मक्खन वाली मिट्टी जैसी हर्ब्स और ठंडी तीखी क्रीमी लहसुन दही का कॉन्ट्रास्ट अज़रबैजानी खाने के सबसे बढ़िया कॉम्बो में से एक।
हरी कुताब में कौन सी हर्ब्स?
इस व्यंजन की खूबी भरावन मौसम के साथ बदलता है। बाकू के रेस्तराँ में साल भर स्टैंडर्ड बेस पालक, सोया और धनिया का मिश्रण। सबसे कीमती कुताब शुरुआती बसंत में जंगली हर्ब्स से। "कंगर" (जंगली थिसल), युवा बिच्छू बूटी, सोरेल (नींबू जैसी खटास) या जंगली पहाड़ी पुदीना। हर्ब्स सख्ती से चाकू से हाथ से कटी, ब्लेंड नहीं टेक्सचर बचाने के लिए।