
मुर्ग़ा लावंगी पूरा मुर्ग़ा (या टुकड़े) अखरोट, प्याज़, अनार और मसालों के गाढ़े पेस्ट से भरकर बेक किया जाता है। तालिश क्षेत्र का खास मौके का व्यंजन, अज़रबैजान भर में लोकप्रिय।
मुर्ग़ा लावंगी क्या है?
मुर्ग़ा लावंगी (लावंगी) अज़रबैजान के तालिश क्षेत्र का व्यंजन है: पिसे अखरोट, प्याज़, अनार (रस या दाने) और मसालों के गाढ़े पेस्ट से भरा मुर्ग़ा, मुर्ग़ा नरम और भरावन सेट होने तक बेक। भरावन हल्का खट्टा और अखरोट जैसा; मुर्ग़ा रसीला। त्योहारों और क्षेत्रीय खाने वाले रेस्तराँ में परोसा जाता है।
मुर्ग़ा लावंगी कैसे खाएं?
मुर्ग़ा लावंगी गर्म परोसा जाता है, आमतौर पर चावल (सादा या प्लोव), ब्रेड या साधारण सलाद के साथ। मुर्ग़े का हिस्सा भरावन के साथ काटकर साथ खाएं। भरावन कैविटी या बेकिंग डिश से स्कूप कर सकते हैं। एक मुर्ग़ा अक्सर कई लोगों के लिए; केंद्रीय व्यंजन।
मुर्ग़ा लावंगी का भरावन किससे बनता है?
भरावन (लावंगी) पिसे अखरोट, बारीक कटा या कद्दूकस प्याज़, अनार का रस या दाने (खटास और रंग के लिए), नमक, काली मिर्च और कभी थोड़ी दालचीनी या हल्दी का पेस्ट। मांस या चावल नहीं सिर्फ मेवे, प्याज़ और अनार। मिश्रण मुर्ग़े के अंदर आकार रखने लायक गाढ़ा, भारी और सुगंधित।
लावंगी का सुनहरा नियम: प्याज़ निचोड़ना
परफेक्ट लावंगी का राज भरावन के लिए कच्चे प्याज़ कद्दूकस करने के बाद उन्हें चीज़क्लॉथ में रखकर पूरा प्याज़ का रस निचोड़ना है। यह कदम छोड़ने पर भरावन कड़वा और गीला हो जाएगा। सूखा मीठा प्याज़ पल्प फिर कुचले अखरोट के साथ मिलाया जाता है, पेस्ट गाढ़ा, भारी और अखरोट जैसा रहता है।
"तुरशु" (खट्टा फल पेस्ट) की भूमिका
अनार का रस या दाने के साथ अखरोट पेस्ट का सबसे असली बाइंडर गाढ़ा गहरा खट्टा फल लेदर या पेस्ट "तुरशु" या "अलचा रुब्बू" (जंगली खट्टे आलूबुखारे से) या गाढ़ा अनार मोलासेस। यह तीव्र खटास अखरोट के भारी तेल और मुर्ग़े की चर्बी काटने के लिए ज़रूरी है, संतुलित स्वाद।
पारंपरिक तंदूर ओवन
दक्षिणी तालिश क्षेत्र (जैसे लंकरान, जहाँ व्यंजन शुरू हुआ) में लावंगी पारंपरिक तौर पर "तंदूर" में बेक की जाती है ज़मीन में लगा बेलनाकार मिट्टी का ओवन। भरा मुर्ग़ा अंदर लटकाया या गर्म मिट्टी की दीवारों पर रखा जाता है। मिट्टी ओवन की तेज़ धुआँदार गर्मी खाल कुरकुरी करती है और अखरोट भरावन रसीला रखती है।