
अज़रबैजानी काली चाय नाशपाती के आकार के आर्मुडू गिलास में परोसी जाने वाली तेज़, गहरी चाय है, अक्सर जैम या चीनी के साथ। यह अज़रबैजान में आतिथ्य और चाय की मेज़ (çay süfrəsi) का केंद्र है।
अज़रबैजानी काली चाय क्या है?
अज़रबैजानी काली चाय (çay) छोटी चायदानी (çaydan) में पकाई जाती है और आर्मुडू (armudu stəkan) नामक विशेष नाशपाती के आकार के गिलास में परोसी जाती है। इसे पूरे दिन पिया जाता है: घर पर, चायखानों (çayxana) और रेस्तरां में। चाय आतिथ्य का प्रतीक है: जैम, मिठाई और स्नैक्स के साथ चाय पेश करना मानक स्वागत है। चाय आमतौर पर चीनी, जैम या दाँतों के बीच रखे चीनी के टुकड़े (qənd) के साथ पी जाती है।
अज़रबैजानी काली चाय कैसे पिएं?
चाय आर्मुडू गिलास में गर्म परोसी जाती है, अक्सर छोटी तश्तरी पर। गिलास में चीनी डाल सकते हैं, चीनी का टुकड़ा (qənd) डुबोकर घूँट ले सकते हैं, या जैम काटकर चाय पी सकते हैं। दूध न मिलाएं: अज़रबैजान में चाय बिना दूध पी जाती है। आर्मुडू आकार गिलास का ऊपरी हिस्सा ठंडा रखता है। दोबारा भरना सामान्य है; चायदानी गर्म रखी जाती है।
चाय आर्मुडू गिलास में क्यों परोसी जाती है?
आर्मुडू ("नाशपाती के आकार") गिलास पारंपरिक है: संकरी कमर और चौड़ा ऊपरी हिस्सा चाय को नीचे गर्म और किनारे पर पीने के लिए थोड़ा ठंडा रखता है। यह सांस्कृतिक प्रतीक भी है: अज़रबैजानी चाय इस गिलास से पहचानी जाती है। गिलास आमतौर पर किनारे से पकड़ा जाता है या तश्तरी पर रखा जाता है।
बिल्कुल सही "पürrəngi" रंग
अज़रबैजान में चाय बनाना गंभीर कला है, और लक्ष्य "पürrəngi" नामक रंग पाना है: मुर्गे की कलगी जैसा चमकदार, पारदर्शी लाल। चाय कभी धुँधली, ज़्यादा काली या गहरी नहीं होनी चाहिए। इस क्रिस्टल साफ रूबी रंग के लिए दोहरी चायदानी विधि इस्तेमाल होती है: मज़बूत चाय कॉन्सन्ट्रेट ("dem") उबलते पानी वाली बड़ी केतली के ऊपर छोटे चीनी मिट्टी के बरतन में पकाया जाता है। परोसते समय इस कॉन्सन्ट्रेट की थोड़ी मात्रा आर्मुडू गिलास में डाली जाती है और मेहमान की पसंद के हिसाब से उबलते पानी से पतला किया जाता है।
"दिश्लेमे" चीनी रिवाज
चाय सच्चे स्थानीय की तरह पीनी हो तो "दिश्लेमे" (काटने) तकनीक सीखनी होगी। पारंपरिक चायखानों में सख्त, नुकीले क्रिस्टल चीनी के टुकड़े (qənd) परोसे जाते हैं। यह चीनी गिलास में पिघलने के लिए नहीं डाली जाती। बल्कि चीनी का टुकड़ा लें, गर्म चाय में बहुत कम डुबोएं और सामने के दाँतों के पीछे रखें। फिर सख्त चीनी के बीच से गर्म, कड़वी चाय की घूँट लें। यह तरीका उबलती चाय को मुँह में आते ही ठंडा करता है और गिलास की शुद्ध चाय का स्वाद बिगाड़े बिना धीमी, नियंत्रित मिठास देता है।
धुआँधार समोवार
घर पर आधुनिक केतलियाँ इस्तेमाल होती हैं, लेकिन अज़रबैजानी चाय पीने का सबसे असली और रोमांटिक तरीका बाहर पारंपरिक "समोवार" में पकी चाय है। इस ऊँची, सजी धातु की उर्न के बीच में पाइप होता है जहाँ असली लकड़ी और कोयला जलाकर आसपास का पानी उबाला जाता है। लकड़ी का धुआँ पानी में हल्का सा उतरता है और समोवार चाय को रसोई चूल्हे पर दोबारा न बन सकने वाली कीमती, हल्की धुआँधार खुशबू देता है।